गहलोत गुट के विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा ने बदला पाला, कहा -सचिन पायलट को बनाया जाए सीएम

गहलोत गुट के विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा ने बदला पाला, कहा -सचिन पायलट को बनाया जाए सीएम

रामस्वरूप लामरोड़

जयपुर। राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत गुट के कांग्रेस विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा ने पाला बदल लिया है। बैरवा ने खुलेआम सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। सोमवार 29 अगस्त को जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए खिलाड़ीलाल बैरवा ने कहा कि सचिन पायलट को वादों के साथ मानेसर से वापस लाया गया था। अभी जो हालात हैं, उसके हिसाब से पायलट की सीएम बनाना चाहिए। यह सबकी भावना है। बैरवा ने कहा कि मैं भी उसी भावना की बात कर रहा हूं। बैरवा ने यहां तक कह दिया कि अगर जनभावना का आदर नहीं करके मनमानी की गई तो पार्टी को नुकसान भुगतना होगा।

पायलट के सीएम बनने में क्या दिक्कत है, 100 फीसदी युवा उनके साथ हैं – बैरवा

अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि बदलाव तो होते रहने चाहिए। हालांकि आलाकमान सब कुछ तय करता है लेकिन सब लोगों की भावना पर विचार किया जाना चाहिए। इन दिनों मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाएं चल रही है। पहले जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने थे। तब पायलट को डिप्टी सीएम बनाया गया था। बाद में पायलट मानेसर चले गए तो उन्हें वादों के साथ पार्टी में वापस लाया गया था। बैरवा ने कहा कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने में क्या दिक्कत है। प्रदेश का 100 फीसदी युवा पायलट के साथ हैं।

सेकिंड लाइन को राजनीति में आगे किया जाना चाहिए

खिलाड़ीलाल बैरवा ने कहा कि अशोक गहलोत 40 साल से राजनीति में है। तीन बार मुख्यमंत्री बन गए। केन्द्रीय मंत्री रहने के साथ बड़े बड़े पदों पर भी रह चुके। अब उन्हें खुद सेकिंड लाइन तैयार करके उन्हें राजनीति में आगे करना चाहिए। इन दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की चर्चाओं में अशोक गहलोत का नाम मीडिया रिपोर्ट में चल रहा है। अगर ऐसा है तो गहलोत को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहिए। बैरवा ने कहा कि जब राहुल गांधी कह चुके हैं कि गांधी परिवार के बाहर से अध्यक्ष बनना चाहिए तो उनकी इच्छा का सम्मान करना चाहिए। उनका फैसला बदलने के लिए दबाव बनाना उचित नहीं है।

किसी एक नेता के भरोसे पार्टी सत्ता में नहीं आ सकती – बैरवा

बैरवा ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी को फिर से सत्ता में आने के लिए किसी एक नेता के भरोसे नहीं रहना चाहिए। सभी जातियों के प्रतिनिधियों को बराबर का प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। सभी की सहभागिता से ही सत्ता में आना संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अभी जो हालात हैं, उसमें कोई एक नेता सत्ता लाने में सक्षम नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि विभिन्न जातियों के लोग जैसे गुर्जर, मीणा, एससी, ब्राह्मण, जाट, राजपूत में से एक एक नेता को आगे लाकर फ्रंट लाइन तैयार करनी चाहिए। इनमें से एक मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री, चार को कमेटियों के मेम्बर और एक को पीसीसी चीफ, इस तरह से कॉम्बिनेशन बैठाकर काम करेंगे तो कांग्रेस को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता।

सोनिया गांधी ने भी कहा था कि अब लौटाने का वक्त है – खिलाड़ीलाल बैरवा

मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस विधायक खिलाड़ीलाल बैरवा ने उदयपुर में हुए कांग्रेस चिंतन शिविर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चिन्तन शिविर में सोनिया गांधी ने कहा था कि जिन नेताओं को पार्टी ने सब कुछ दिया। उनके लिए अब लौटाने का वक्त है। बैरवा ने कहा कि जो चीज सोनिया जी ने मांगी थी, उस पर तत्काल फैसला होना चाहिए था। राजस्थान में ऐसी स्थिति दिख नहीं रही कि जिन्हें पार्टी ने सब कुछ दिया, वे कुछ लौटाना चाहते हैं। (रिपोर्ट – रामस्वरूप लामरोड़, जयपुर)

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